Wednesday, September 9, 2020

महान क्रांतिकारी लाला जगत नारायण जी


महान क्रांतिकारी लाला जगत नारायण जी🙏🙏

बलिदान दिवस: 9 सितंबर, 1981💐💐

लाला जगत नारायण एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक आंदोलन का नाम था जो 31 मई 1899 से प्रारम्भ होकर 9 सितम्बर 1981 तक जारी रहा। लाला जगत नारायण का जीवन देश तथा समाज को समर्पित रहा। उन्होंने अंतिम सांस तक देश की एकता और अखंडता के लिए काम किया और उसी के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। 

हिन्द समाचार पत्र समूह के संस्थापक लाला जगत नारायण जी का जन्म जिला गुजरांवाला (पाकिस्तान) के वजीराबाद में 31 मई 1899 को हुआ। उन्होंने डी.ए.वी. कालेज लाहौर से सन् 1919 में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद लॉ कालेज लाहौर में दाखिला ले लिया लेकिन सन् 1920 में जब गांधी ने असहयोग आंदोलन के लिए देश के नौजवानों को ललकारा तो लाला जी अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ कर देश की स्वतंत्रता के लिए चलाए गए इस आंदोलन में कूद पड़े। उन्हें अढ़ाई वर्ष जेल की सजा सुनाई गई। अपने जेल प्रवास के दौरान वह लाला लाजपत राय जी के निजी सचिव के रूप में काम करते रहे। लाला जी लगभग 9 साल जेल में रहे और इनकी पत्नी को भी 8 माह जेल में बिताने पड़े थे।आज़ादी के बाद ये लाहोर से जालंधर आकर बस गए ।1965 में हिंदी दैनिक अख़बार पंजाब केसरी की शुरुआत की जो आज भारत का एक प्रमुख दैनिक है।

लाला जी आर्य समाज के पक्के अनुयायी थे। वह एक सुलझे हुए पत्रकार एवं सच्चे राष्ट्र भक्त थे। उन्होंने कभी भी अपने उसूलों के साथ समझौता नहीं किया। जब पंजाब में आतंकवाद रूपी नाग अपना फन उठा रहा था तो उन्होंने अपने अखबारों में जमकर इसके विरोध में लिखा और उनको इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। 9 सितम्बर 1981 को पटियाला से जालंधर आते समय आतंकियों ने इनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

महान क्रांतिकारी लाला जगत नारायण जी के बलिदान दिवस पर जन हितकारी संगठन उन्हें शत शत नमन करता है 💐🙏💐🙏

जय भारत🇮🇳

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